Wednesday 19 June 2024 6:14 AM
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झालावाड़ में अखिल भारतीय रैगर महासभा के युवा प्रकोष्ठ द्वारा प्रतिभा सम्मान व मोटिवेशनल समारोह आयोजित किया गया

दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (पत्रकार रामलाल रैगर) l  झालावाड़ में अखिल भारतीय रैगर महासभा(रजि.) के युवा प्रकोष्ठ द्वारा प्रतिभा सम्मान व मोटिवेशनल समारोह आयोजित किया गया जिसमे मुख्य अतिथि बीएल नवल, राष्ट्रीय अध्यक्ष (अ.भा.रै.महासभा) विशिष्ट अतिथि कजोड़मल मुंडोतिया, प्रदेशाध्यक्ष (अ.भा.रै.महासभा), बाबूलाल वर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष(आ.भा.रे.महासभा) ओमप्रकाश चांदोलिया, के एम वर्मा, नेमीचंद वर्मा साहब, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य (अ.भा.रै.महासभा) बद्रीलाल थोनगरिया राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य (अ.भा.रै.महासभा) रहे व अध्यक्षता भानू खोरवाल, प्रदेश अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ (अ.भा.रै.महासभा) ने की, कार्यक्रम संयोजक रोहित वर्मा ने सभी अतिथिओं व समाज बंधुओं का आभार व्यक्त किया। मुख्य भूमिका युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष शिवराज रैगर की रही ।

कार्यक्रम में अनाथ बालिका चेतना रेगर ने राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेशाध्यक्ष, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, व प्रदेश अध्यक्ष (युवा प्रकोष्ठ) को ज्ञापन देकर अपनी मदद् की गुहार लगाई। अनाथ बालिका चेतना के पिता गोपाल लाल रेगर का 6 वर्ष पूर्व देहांत हो गया था। और बीमारी के कारण माता मैना का भी 10 जुलाई 2023 को दोपहर 2:00 बजे एसआरजी चिकित्सालय झालावाड़ में इलाज के दौरान देहांत होया था। चेतना की मां मैना, झाड़ू पोछा का कार्य कर,  घर परिवार चला रही थी। अब उसका देहांत होने के बाद, चेतना की देखरेख करने वाले वह शिक्षा स्वास्थ्य का ध्यान रखने वाला कोई नहीं है। कार्यक्रम समाप्ति के समय चेतना की आर्थिक मदद हेतु कुछ समाज बंधुओं ने सहयोग किया।

एक ज्ञापन राधेश्याम चन्दौलिया द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएल नवल को, तारा चंद वर्मा(नेता जी), मोहनलाल थोनगरिया, घनश्याम बंशीवाल(रिटायर रा.पु), लालचंद(अध्यापक) रोहित वर्मा, शिवराज रैगर व सभी समाज बंधुओं की उपस्थिति में दिया। जिसमें 23 वर्षों से अखिल भारतीय रैगर महासभा की जिला इकाई द्वारा किए गए समाज हित के कार्य, महासभा की बैठकों व समाज के मंचों पर सामाजिक कुरीतियां व प्रथाओं को पर भाषण देने वाले समाज के नेता खुद मृत्यु भोज (गिद्ध भोज), अंधविश्वास पाखंडवाद पशु बलि, मदपान, धूम्रपान, जुआ सट्टा रिश्ते विच्छेद, खर्चीली शादियां, आदि कुप्रथाओं व परम्परा को पहले स्वयं त्याग करें। फिर अपना उदाहरण दे कर समाज के लोगों को समझाएं। सभी रजिस्टर्ड सदस्यों को महासभा के विधान की प्रति उपलब्ध करवाई जाए आदि 11 बिन्दु का ज्ञापन देकर जानकारी मांगी है।

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