Sunday 23 June 2024 2:56 AM
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शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार के लिए विख्यात श्रीमति मनीप्रभा त्रिपाठी ने अनुकरणीय इतिहास रचा

दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l भारतीय समाज एवं संस्कृति में मानवतावाद, तर्कवाद, विज्ञान एवं वैज्ञानिक अन्वेषण की विचारधारा का सहारा लेकर समाज में एक क्रांतिकारी परिवर्तन किया गया । शिक्षित महिलाओ में एक नवीन बौद्धिक लहर चली, जिसके फलस्वरूप जागृति के एक नये युग का सूत्रपात हुआ । तर्कवाद तथा अन्वेषणा की भावना ने समाज को प्रगति प्रदान की । शिक्षा को रूचिकर रचनात्मक, उपयोगी व्यवहारिक सरल, क्रियात्मक एवं प्रासंगिक बनाना ही नवाचार है । आधुनिक युग में नवाचार की बहुत ही आवश्यकता है, क्योंकि नवाचार के द्वारा ही छात्रों में बहुमुखी और सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा पद्धति में नवाचार जरूरी है ।

सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले मैं शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार के लिए विख्यात श्रीमति मनी प्रभा त्रिपाठी जो कि माध्यमिक शाला सहसपुर में प्रधान अध्यापिका के पद पर कार्यरत है जिन्होंने विपरीत परस्थितियों में भी शिक्षा के क्षेत्र में अभिनव पहल कर सफलता हासिल की l वह अपने वरिष्ठ अधिकारीयों के आदेश का अक्षरशः पालन करने मैं भी अग्रणी रहती है ।

अपने विद्यालय के सामने बंजर पड़ी भूमि को अपने स्वयं के खर्च और मेहनत से एक सुंदर पुष्प वाटिका में परिवर्तित कर दिया है, जिसके कारण यह स्कूल छत्तीसगढ़ में प्रसिद्ध हो गया है l जिसे दूर दूर से लोग देखने हैं देखने आते हैं l

इसकी खासियत यह है कि यहां श्रीमति मनी प्रभा त्रिपाठी ने बच्चों के पीने के पानी के लिए शुद्ध पेयजल एक्वागार्ड लगवाए और सभी कक्षाओं में लर्निंग कॉर्नर और प्रिंट रिच वातावरण और विद्यालय के सामने पड़ी भूमि पर बहुत सुंदर पुष्प वाटिका जिस पर की सुंदर सुंदर फूल के साथ ही साथ जैविक फल और सब्जियां प्रचुर मात्रा में होती है l प्रतिदिन मध्या्ह भोजन में बच्चों को जैविक सब्जियां और फल खाने को उपलब्ध होता है l स्कूल में छात्र-छात्राओ के लिए शौचालय का निर्माण भी त्रिपाठी ने स्वयं अपने खर्च पर करवाया l स्कूल का आहता कंप्लीट नहीं हुआ है फिर भी तार का बाड़ी लगाकर यह सुंदर पुष्प वाटिका को सफलतापूर्वक बनाने में भी योगदान रहा है l

प्रधान अध्यापिका श्रीमति मनी प्रभा त्रिपाठी को कई अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य स्तरीय, जिला स्तरीय,विकासखंड स्तरीय, स्तरीय अनेकों पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं l विद्यालय का जो ऑफिस है वह पुरस्कारों से भरा हुआ है l साथी साथ जो गरीब बच्चे हैं उनको अपने धन से पढ़ाने और जीवन में आगे बढ़ाने में भी त्रिपाठी योगदान रहा है जिसमें एक लड़का आज रायपुर एंटी करप्शन ब्यूरो में पदस्थ है और एक लड़का नायब तहसीलदार बन चुका है l

छत्तीसगढ़ भर में श्रीमति मनी प्रभा त्रिपाठी ने पर्यावरण संरक्षण समिति बनाकर आज तक लगभग 70,000 पेड़ स्वयं लगा चुकी हूं और समिति का लक्ष्य 1000000 पेड़ लगाने का है l उस दिशा में संकल्प पर्यावरण समिति पुरे छत्तीसगढ़ में प्रयासरत है और समिति संरक्षण और संवर्धन का भी काम कर रही है ।

मणिप्रभा एवं उनके पति श्री सुनील कुमार त्रिपाठी ने समाज कल्याण के लिए अपने विवाह पश्चात स्वयं के बाल बच्चे जन्म ना करके अनाथ बच्चों के माता पिता बने और उनको सहारा देकर पढ़ाया लिखाया योग्य बनाया किसी को संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ाया, किसी का विवाह कराया, किसी को पढ़ाया लिखाया और योग्य बनाया यही उनके जीवन में सबसे अनुकरणीय कदम है ।

गोपाल किरन समाजसेवी संस्था  के अध्यक्ष श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने बताया कि श्रीमति मनी प्रभा त्रिपाठी हमारी संस्था से देहरादुन के कार्यक्रम से जुडी है और चित्तौड़गढ़, बोधगया, आगरा, कोलकता, बेंगलोर आदि के कार्यक्रमों में कई अलंकारो से सम्मानित हो चुकी है l हाल ही में उज्जैन के कार्यक्रम में इंडियन फॉरेस्ट सर्विस के अधिकारी व सामाजिक चिंतक कैलाश चंद्र मीणा जी के कर कमलो द्वारा ग्लोबल आईकॉन एनवायरमेंट अवॉर्ड प्रदान किया गया l संस्था की और से हम इनके उज्जवल भविष्य की कामना करते है l  

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