डा. खूबराम जाजोरिया जी के जीवन पर विशेष लेख
- गनपत राय मोहनपुरीया
आज़ादी से पूर्व अंग्रेजी कम्पनी राज की साम्राज्यवादी सरकार ने भारत मे राजाओ महाराजाओ, बादशाहो, कट्टरपंथी हिन्दू-मुस्लिम, के कट्टरपंथियो के समूह, अंग्रेजी सरकार के पूंजीपति मित्रो, जमीदारो, जागीरदारो को जोड़कर गठबंधन सत्ता की ताकत से उस समय 1 % से भी कम लोगो का नौकरियो, जंगल जमीन जल, खेती की जमीन, पर नियंत्रण था। उस समय 98-99 % लोगो को लाचार बनाकर जबरन अपनी सत्ता की ताकत से बेगारी कराने का काम शारिरिक प्रताड़ित करना, मनुस्मृति के नाम मेहनतकश समाज, दलितो, किसानो, महिलाओ, को शिक्षा, जमीन, काम धंधे से वंचित करके छुआछूत, पाखंड,रुढीवाद, जातिवाद का जहर मानसिक, शारीरिक, सामाजिक, आर्थिक गुलाम बना रखा था।
रैगर समाज के लोग 125 साल से पहले राजस्थान से पैदल चल कर भूखे प्यासे तन पर फटे पुराने कपडे बदन पर बेगारी की मार के घाव थे। डा. खूबराम जाजोरिया जी, नवल प्रभाकर जाजोरिया जी, सुन्दर वती नवल प्रभाकर जाजोरिया जी के परिवार के तीन सदस्यो ने राष्ट्र पिता महात्मा गांधी जी, पं जवाहरलाल नेहरू जी , सरणदार वल्लभभाई पटेल जी से प्रभावित हो कर कांग्रेस मे शामिल हो कर 1942 मे अंग्रेजो भारत छोडो सम्पूर्ण भारत मे भयंकर आंदोलन छेड दिया।
अंग्रेजी सरकार ने डा. खूबराम जाजोरिया जी, नवल प्रभाकर जाजोरिया जी, नवल प्रभाकर जी पत्नी सुन्दर वती नवल प्रभाकर जी को भी गिरफ्तार करके जेल मे डाल दिया। डा. खूबराम जाजोरिया जी, नवल प्रभाकर जी का परिवार राजस्थान से आये थे। यह परिवार पहाड़ी धीरज पर जब आये थे, हजारो रैगर सड़क पर रहे। यहा पर आकर मजदूरी करके गुजर बसर कर रहे थे। रैगर समाज के धर्मगुरू स्वामी मौजीराम जी महाराज, धर्मगुरू ज्ञानस्वरुप जी महाराज जी, आत्माराम लक्ष्य जी महाराज अखिल भारतीय रैगर महा सभा मे समाज के विकास के लिए काम रहे थे। डा. खूबराम जाजोरिया का विवाह भी पहाड़ी धीरज हुआ।
डा.खूबराम जी के चार सुपुत्र, तीन सुपत्री थी। 1. विनोद जाजारिया जी IAS प्रथम रैगर समाज दिल्ली मे बने। विनोद जाजोरिया जी IAS का विवाह श्री टेक चंद बडोलिया कृष्ण नगर, करोलबाग मे हुआ। विनोद जाजोरिया IAS की सुपुत्री भी IPS हरियाण मे है।2. प्रकाश जाजोरिया जी केंद्र सरकार मे अधिकारी थे।3. नरेन्द्र जाजोरिया जी रैगर पुरा ब्लाक युवक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे है। 4. सुनील व्यापार करते है। जाजोरिया के तीन सदस्यो को अंग्रेजी सरकार ने गिरफ्तार करने से उस समय रैगर समाज पर गहरा असर पडा।
गंगा प्रसाद धूडिया जी, चौधरी पदम सिंह जी सक्करवाल जी, दयाराम जलुथरिया जी , चौधरी गौतम सिंह सककरवाल जी, धर्मदास शास्त्री जी को कांग्रेस पार्टी की राजनीति मे जबरदस्त अवसर मिला। डा.खूबराम जाजोरिया जी का सीधा सम्पर्क पं जवाहरलाल नेहरू जी, सुभद्रा जोशी जी, गांधीवादी नेता सी के नायर जी, इन्दिरा गांधी जी, चौधरी ब्रह्म प्रकाश जी, अरूणा असिफ अली जी, एच के एल भगत जी कांग्रेस के नेता थे।
रैगर समाज के गुरू मौजीराम जी महाराज की प्रिय शिष्य रैगर समाज के धर्म गुरू ज्ञानस्वरुप जी महाराज ने अपने सबसे प्रिय शिष्य त्यागमूर्ति आत्माराम लक्ष्य जी महाराज को रैगर समाज की सामाजिक एकता हेतु अखिल भारतीय रैगर महा सभा का गठन करके सत्संग के माध्यम से समाज को संगठित करके अध्यात्मिक, नैतिक बल से चरित्र निर्माण करके गाव गाव, कस्बा ,जिलावार ,छोटी बडी सभा, पंचायत व्यक्तिगत जन सम्पर्क करके राष्टीय महासम्मेलन करके समाज को सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, शिक्षा के महत्व, रोजगार, सबसे बडा शोषण बेगारी करने के खिलाफ रैगर समाज को ” बेगारी नही करेगे, भूखे मरेगे बेगारी के खिलाफ शपथ ग्रहण करायेगे ,नशा, बेगारी, रुढ़िवाद, पाखंडवाद, के खिलाफ जनजागरण जारी रहेगा। गुरू जी ने कहा ” शिक्षा शून्य कौम कभी भी धन सम्पन्न व सभ्य नही हो सकती। समाज अपने स्कूल, छात्रावास खोलने है। रैगर समाज के बच्चे को अंग्रेजी का अखबार पढने को मंगाए।
धर्मगुरू ज्ञानस्वरुप जी महाराज जी ने धर्म को सामाजिक चेतना,आर्थिक विकास का कार्यक्रम आजादी से पूर्व अखिल भारतीय रैगर महासभा का गठन करके इतिहास बना दिया।
प्रथम सम्मेलन 2,3,4, नवम्बर, 1944, दौसा मे डा. खूबराम जाजोरिया जी प्रधान मंत्री, युवक सम्मेलन, नवल प्रभाकर जी उप स्वागताध्यक्ष, दूसरा,1946, 12,13,14, अप्रैल, जयपुर , नवल प्रभाकर जाजोरिया जी, प्रधान मंत्री, चौधरी गोतम सिंह सक्करवाल जी स्वागताध्यक्ष, तृतीय नवल प्रभाकर जी MP, अध्यक्ष , मोती लाल बोकोलिया जी, चतुर्थ राष्ट्रीय सम्मेलन मुख्य अतिथि पूर्व प्रधान मंत्री , श्रीमती इन्दिरा गांधी जी, धर्मदास शास्त्री जी स्वागताध्यक्ष,श्रीमती सुन्दरवती नवल प्रभाकर जी लोक सभा सदस्य, खुशहाल चन्द मोहनपुरिया जी, मोतीलाल बोकोलिया जी ,भौरी लाल शास्त्री, पंचम सम्मेलन मुख्य अतिथि भारत सरकार के राष्ट्पति ज्ञानी जैल सिंह जी, अध्यक्ष धर्मदास शास्त्री जी, गंगा प्रसाद धूडिया जी यह महा सम्मेलन दिल्ली के विज्ञान भवन, मे 27 सितम्बर 1986 मे हुआ।
मेरा यह मानना अखिल भारतीय रैगर महासभा, धर्म गुरू ज्ञानस्वरुप जी महाराज, धर्मगुरू आत्माराम लक्ष्य जी महाराज जी का सामाजिक मिशन, सामाजिक, आर्थिक, कार्यक्रम ने राजनितिक समझ, संगठन की समझ, भाषाण की कला, के कारण ही रैगर समाज के शीर्ष नेताओ को कांग्रेस मे शामिल होकर आजादी के आन्दोलन मे गिरफ्तार होने से उस समय मे नेताओ लम्बे समय तक उम्मीदवार बनने का अवसर मिला। इसका प्रभाव अन्य दलो मे काम करने नेतृत्व का अवसर मिला। डा. खूबराम जाजोरिया जी 1962 मे रैगर पुरा से कांग्रेस से नगर निगम से विजयी रहे।
देश आजाद होने के बाद बटवारे मे पाकिस्तान से पंजाबी समुदाय को तिब्बिया कालेज मे बसाने और कालेज के प्रबंधन कमेटी से काम कराने का जिम्मेदारी प्रथम प्रधान मंत्री पं जवाहरलाल नेहरू जी ने सौपी, सैकड़ो पंजाबी समुदाय के लोगो को बसाया। इससे यह प्रतीत होता है। डा खूबराम जाजोरिया जी कांग्रेस के बडे नेता थे।
1971 के लोकसभा चुनाव मे बाबू जगजीवन राम जी ने करोलबाग से टी. सोहनलाल जी को उम्मीदवार बना कर यह आदेश दिया कि टिकट मैने दिला दिया, लोक सभा मे डा. खूबराम जाजोरिया के आशिर्वाद से जायेगा। डा. खूबराम राम जी ने बडी शिद्दत के साथ काम करके विजयी बनाया।
1972 मे प्रथम बार महानगर परिषद के चुनाव मे सुन्दरवती नवल प्रभाकर जी को कांग्रेस ने दिल्ली सरकार मे मुख्य कार्यकारी पार्षद शिवनारायण सरसूनिया जी के सामने टिकट मिला। डा.खूबराम जाजोरिया जी ने चुनाव को अपने सम्मान से जोड देने से रैगर पुरा के लोगो ने सुन्दरवती जी को भारी मतो से विजयी बनाया।
1962 के लोक सभा चुनाव मे विपक्ष के सबसे मजबूत नेता औजस्वी वक्ता, सभी समाजो मे प्रसिध्द, लोक सभा मे पं जवाहरलाल नेहरू जी भी भविष्य के प्रधान मंत्री कहते थे श्री अटल बिहारी वाजपेई जी के सामने धर्मनिरपेक्ष, मजदूरो, मेहनतकश समाज की नेता सुभद्रा जोशी को टिकट बलरामपुर UP से टिकट कांग्रेस ने देकर इन्दिरा गांधी जी ने डा.खूब राम जाजोरिया जी को चुनाव जिताने की बागडोर सौप दी। सुभद्रा जोशी जी को विजयी बनाने हेतु डा. खूबराम राम जाजोरिया जी बहुत मेहनत करके विजयी भारी मतो से कराया
डा. खूबराम जाजोरिया जी ने दिल्ली का मास्टर प्लान बनाया। दिल्ली मे चुनाव क्षेत्रो का परिसीमन का काम भी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने दिया। डा. खूबराम जाजोरिया जी ईमानदार, निर्भीक, ईमानदार नेता थे। कांग्रेस पार्टी मे एक दो केंद्रीय नेताओ ने लोक सभा मे टिकट का विरोध किया।
डा. खूबराम जाजोरिया जी के कार्यकाल मे रेहडी पटरी पर काम करने वाले सम्मान के साथ काम करते थे। पुलिस, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली सरकार से रैगर पुरा मे प्रशानिक परेशानी नही आने दी।
कुतब रोड पुल के पास नीचे पुरानी जूति काम करने वाले, पालिस करने वाले, शूमेकर का सामान व चमडा बेचने वालो को सरकार से मुफ्त दुकाने दिलवाने का बेहतरीन काम डा. खूबराम जाजोरिया जी, श्री गंगा प्रसाद धूडिया जी ने किया। उस समय रैगर बहुमत मे थे। दिल्ली मे रैगर समाज को सरकारी नौकरी मे आरक्षण की सूची मे नही डाला गया था। डा. खूबराम राम जी को दिल्ली के कमिश्नर के सलाहकार केन्द्र सरकार ने नियुक्त किया। डा खूब राम जी कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मिलकर सरकारी नौकरी मे रैगर समाज को आरक्षण दिलाने का काम करके समाज को उन्नति का अवसर दिलवाया।
डा.खूबराम राम जाजोरिया जी रैगर समाज के कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता थे। डा.खूबराम जाजोरिया जी दिल्ली के दलित, मजदूर, गरीब समाज के हीरो थे। डा.खूबराम जाजोरिया जी का निधन 76 रैगर पुरा ,करोलबाग मे हुआ। डा.खूबराम राम जाजोरिया जी के निधन से कांग्रेस पार्टी और रैगर समाज को गहरा सदमा लगा।
मै गनपत राय मोहनपुरिया उन को श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं।



