गोपाल किरन समाजसेवी संस्था द्वारा आयोजित सेमिनार एवं अवार्ड समारोह पॉन्डचेरी में सम्पन्न
21वीं सदी डॉ अंबेडकर के नाम होगी
दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) । गोपाल किरन समाजसेवी संस्था (GKSSS) एवं पांडिचेरी विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में 30 जनवरी 2026 को एक दिवसीय सेमिनार एवं सम्मान समारोह का आयोजन सिल्वर जुबली केंपस,संगोष्ठी कक्ष-1, मानविकी विद्यापीठ, (हिन्दी विभाग), पांडिचेरी विश्वविद्यालय कालपेट पांडिचेरी आयोजित किया गया ।
कार्यकम का उद्घाटन प्रो.चंद्र मोली, अधिष्ठाता, स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज एवं इंटरनेशनल राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा किया गया, दीप प्रज्वलित, विश्विद्यालय के सॉग के साथ हुआ उसके बाद संविधान की प्रस्तावना का वाचन डॉ. मनीष कुमार द्वारा कराया गया। विषय प्रतिपादन गोपाल किरन समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष श्रीप्रकाश सिंह निमराजे द्वारा किया गया। स्वागत भाषण डॉ. सी. जय शंकर बाबु, अध्यक्ष, हिंदी विभाग, डॉ.एस पद्मप्रिया, प्रोफेसर, हिंदी विभाग,पांडिच्चेरी विश्वविद्यालय, पुदुच्चेरी ने आशीर्वचन दिया ।
तकनीकी सत्र का आयोजन डॉ. जे. नागराजन,असिस्टेंट प्रोफेसर,कामराज कॉलेज थूथुकुड़ी (तमिलनाडु) के मार्गदर्शन में रश्मि सिंघल आगरा की अध्यक्षता में आयोजित किए गए, जिसमें धनंजय प्रताप (21वीं सदी की चुनौतियां और हिंदी आदिवासी साहित्य), डॉ. हेमा जोशी (21वीं सदी की हिंदी कविता में आदिवासी जीवन संघर्ष और सांस्कृतिक विमर्श), डॉ मनीष कुमार (21वी सदी में स्त्री विमर्श वाया कृष्णा मन्नू एवं उषा), राजीव कुमार बेज (रह गई दिशाएं इसी पर उपन्यास में चित्रित सामाजिक चुनौतियां और स्त्री पात्र बेला का संघर्ष), सचिन कुमार (21वीं सदी की कविता में प्रतिरोध का स्वर चयनित कविता के विशेष संदर्भ में), प्रियंका कुमारी (21वीं सदी की कहानियों में पुरुष विमर्श चयनित कहानी के विशेष संदर्भ में), मनोज कुमार सा (डॉ.भावना की गजलों में प्रगतिशील चेतना), कपिल (21वीं सदी में दलित महिला लेखन एक अध्ययन कौशल्या बेसंत्री की आत्मकथा दोहरा अभिशाप की विशेष संदर्भ में) आदि जनों ने प्रपत्र वाचन किये गये और महिला सशक्तिकरण की आवाज को रश्मि सिंघल ने बुलंद किया गया जिसको सभी ने सराहा।
21वी सदी डॉ. अंबेडकर के रूप में पहचानी जायेगी
सभी ने स्वीकार किया कि डॉ. अंबेडकर के विचार और आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं और 21वीं सदी के लिए आवश्यक हैं । उनके सिद्धांत सामाजिक न्याय, समानता और सशक्तिकरण पर आधारित हैं, जो आधुनिक भारत के लिए महत्वपूर्ण हैं। शिक्षा, संगठन और आंदोलन के माध्यम से उन्होंने समाज में बदलाव लाने का मार्ग दिखाया है।
डॉ. अंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता के कुछ कारण हैं:
सामाजिक न्याय और समानता: उनके विचार जाति, धर्म और लिंग आधारित भेदभाव के बिना एक समतामूलक समाज बनाने पर केंद्रित थे।
शिक्षा: डॉ. अंबेडकर शिक्षा को सामाजिक बदलाव और व्यक्तिगत मुक्ति का सबसे शक्तिशाली साधन मानते थे।
संविधान और लोकतंत्र: उन्होंने भारत के संविधान के माध्यम से एक मजबूत लोकतंत्र की नींव रखी।
राष्ट्र निर्माण: उनके विचार केवल दलितों के लिए नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक के अधिकारों और कल्याण से जुड़े थे।
तकनीक और प्रगति: वे विज्ञान और तकनीक के माध्यम से देश के विकास के पक्षधर थे।
डॉ. अंबेडकर के तीन शब्द – “शिक्षित करो, आंदोलन करो, संगठित करो” – सामाजिक सशक्तिकरण और सामूहिक प्रगति के प्रति उनके दृष्टिकोण का सार प्रस्तुत करते हैं ।
भोजन के बाद कार्यक्रम के अंतिम सत्र में नारी शिक्षा पर छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की बी. यदु ने शिक्षा की देवी सावित्रीबाई फुले के जीवन पर एकल नाटक की प्रस्तुति लोगों के बीच की । लोगो ने तालियों की गडगडाहट से खूब सराहा ।
गोपाल किरन समाजसेवी संस्था द्वारा भारत के कश्मीर लेकर कन्याकुमारी तक और नेपाल के काठमांडू एवं लुंबनी में स्मरणीय कार्यक्रम आयोजित कर चुकी है संस्थान वर्ष 1986 से लगातार कार्यरत है । संस्था का ध्येय शिक्षा, सेवा, प्रेरणा, प्रतिष्ठा के साथ है । इस कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न राज्यों से लोग भाग लिया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया, जिनमें शिक्षा, साहित्य, समाज सेवा और पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोग शामिल थे।
इस अवसर पर गोपाल किरन समाजसेवी संस्था द्वारा चयनित प्रतिभाओ को दो श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए:
- अरविंद घोष ग्लोबल आईकॉन प्रेस्टीज अचीवर्स अवॉर्ड, 2. ग्लोबल आइकॉन प्रेस्टीज प्राइड अचीवर्स अवॉर्ड।
अरविंद घोष ग्लोबल आईकॉन प्रेस्टीज अचीवर्स अवॉर्ड डॉ.सुधांशु कुमार चक्रवर्ती, शिक्षा विद,रंगकर्मी एवं साहित्यकार, (वैशाली), बिहार, पी.यादव ‘ओज’,शिक्षाविद, समाजसेवी, साहित्यकार,एवं परामर्शदाता,गोपाल किरण समाजसेवी संस्था, प्रो.(डॉ.) दिवाकर दिनेश गौड़, एसोसिएट प्रोफेसर (अंग्रेजी),एस. पी. टी आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज, (गोधरा), विजय सिंह, सहायक प्राध्यापक (हिंदी विभाग), आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पानीपत (हरियाणा),सागर गोपाल राठोड़, असिस्टेंट प्रोफेसर, स्कूल ऑफ़ सोशल साइंस, पुण्यश्लोक अहिल्या देवी होलकर सोलापुर यूनिवर्सिटी सोलापुर,
ग्लोबल आइकॉन प्रेस्टीज प्राइड अचीवर्स अवॉर्ड. सर्वश्री डॉ भूपेंद्र कुलदीप रजिस्टर हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, (दुर्ग), डॉ.कुबेर सिंह गुरुपंच, रजिस्ट्रार,देव संस्कृति विश्विद्यालय, संकरा, कुम्हारी,(दुर्ग), प्रो.जी.मेरी सुनंदा, प्रोफेसर विभागाध्यक्ष,एज्युकेशन, डॉ.बी.आर.अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी (हैदराबाद), प्रो.अजयकुमार कृष्णा कांबळे, अध्यक्ष (हिंदी विभाग), कला वाणिज्य आणि विज्ञान महाविद्यालय,कोवाड,जि.कोल्हापूर, डॉ नीलिमा दुबे,एसोशिएट प्रोफेसर आई.एस.एम.ई.(बैंगलोर), श्रीमती शोभा डी, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (हिंदी), संत जोसफ कॉलेज फॉर वूमेन,रामनहल्ली, मैसूर, डॉ. प्रियंका वर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर, गणपति इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी गाजियाबाद, डा.स्नेह सुधा,प्रवक्ता,के.पी.ग.कालेज,प्रयागराज, विजय सिंह,सहायक प्राध्यापक (हिंदी विभाग), आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय,(पानीपत), डॉ.चंद्रकांत बापूराव जोगदंड,सहायक प्रोफेसर(विभागाध्यक्ष, हिंदी विभाग) आर.वाय.पी.कला.महाविद्यालय, विहामांडवा, ता. पैठण,जि.औरंगाबाद, डॉ.रीना वसुनिया,सहायक प्राध्यापक (इतिहास.) प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस गवर्नमेंट नेहरू डिग्री कॉलेज,अशोकनगर, डॉ भूपेंद्र कुलदीप रजिस्टर हेमचंद यादव विश्वविद्यालय,(दुर्ग), डॉ.कुबेर सिंह गुरुपंच, रजिस्ट्रार,देव संस्कृति विश्विद्यालय, संकरा, कुम्हारी,(दुर्ग), प्रो.जी.मेरी सुनंदा, प्रोफेसर विभागाध्यक्ष,एज्युकेशन,डॉ.बी.आर.अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी (हैदराबाद), प्रो.अजयकुमार कृष्णा कांबळे,अध्यक्ष (हिंदी विभाग),कला वाणिज्य आणि विज्ञान महाविद्यालय,कोवाड,जि.कोल्हापूर, डॉ नीलिमा दुबे, एसोशिएट प्रोफेसर आई.एस.एम.ई.(बैंगलोर), श्रीमती शोभा डी, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (हिंदी), संत जोसफ कॉलेज फॉर वूमेन,रामनहल्ली, मैसूर, डॉ. प्रियंका वर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर, गणपति इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी गाजियाबाद, डा.स्नेह सुधा,प्रवक्ता,के.पी.जी.कालेज,प्रयागराज, डॉ.चंद्रकांत बापूराव जोगदंड,सहायक प्रोफेसर (विभागाध्यक्ष,हिंदीविभाग)आर.वाय.पी.कला.महाविद्यालय, विहामांडवा, ता. पैठण,जि.औरंगाबाद, सागर गोपाल राठोड़, असिस्टेंट प्रोफेसर, स्कूल ऑफ़ सोशल साइंस, पुण्यश्लोक अहिल्या देवी होलकर सोलापुर यूनिवर्सिटी सोलापुर,डॉ. के.एल.ताड़कर(से.नि.प्राचार्य), राजनांदगांव,राम नारायण मेहर माध्यमिक शिक्षक शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय कसाई डेहरिया विकासखंड,आगर, श्रीमती बी. यदु, प्रधानाध्यापक, प्रेमनगर, सिहावा, (धमतरी),निहारिका यदु,(धमतरी), डॉ. रमेश राम,सहायक प्राध्यापक (अतिथि व्याख्याता) राजनीति विज्ञान विभाग,सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय परिसर, चंपावत,अल्मोड़ा,दीपक कुमार,सहायक शिक्षक (प्रति.)जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, चतरा (झारखण्ड), डॉ.संग्राम सिंह (ARP),इतिहासकार,प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय ब्यूर, मानिकपुर,(चित्रकूट), मणि प्रभा त्रिपाठी,(से. नि.प्रधान अध्यापक एवं समाजसेवी) सारंगढ़ बिलाई गढ़,महताप सिंह बघेल,प्राथमिक प्रधान पाठक,प्राथमिक शाला आयतुपारा,(बस्तर), श्रीमती अंजू मिश्रा,शिक्षिका एवं कार्यालय अधिकारी, किड्स वर्ल्ड स्कूल,(नागपुर), अरुण कुमार प्रजापति,सहायक अध्यापक,उच्च प्राथमिक विद्यालय,कैथाना,गोरसरा मोतिगरपुर, (सुलतानपुर), राजनांदगांव आदि को शील्ड,सर्टिफिकेट, शाल, मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
इस विशेष अवसर पर इंजी. दीपक गोयल, चीफ इंजीनियर रेलवे भी उपस्थित थे। अंत में आभार प्रदर्शन राजीव कुमार बेज ने किया। हिंदी विभाग के बच्चों को कार्यकम में अभूतपूर्व योगदान के लिए मेडल देकर सम्मानित किया । इस कार्यकम का आयोजन श्रीप्रकाश सिंह निमराजे के नेतृत्व में कैलाश चंद्र मीणा के संरक्षत्व में पी. यादव. ओज के परामर्श पर संपादित हुआ।



