अद्वैत आश्रम खोहरी के मठाधीश परम पूज्य संत श्री 1008 श्री जगदीश दास जी महाराज ब्रह्मलीन हो गए

दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) । श्री रामजान मंडल के प्रबुद्ध एवं वयोवृद्ध संत “अद्वैत आश्रम खोहरी” के मठाधीश परम पूज्य संत श्री 1008 श्री जगदीश दास जी महाराज का शुक्रवार 7 अगस्त 2026 को देवलोक गमन हो गया। पैतृक गांव से आश्रम तक निकली शोभायात्रा, हजारों भक्तों ने किया समाधि संस्कार । वे लगभग 65 वर्ष के थे। महाराज श्री की मूल जन्मभूमि ग्राम नोहटा, निवाई टोंक थी। पिता श्री गोपीराम जी और माता श्रीमती पांची देवी। परिवार में पत्नी दो पुत्र,दो पुत्रियां हैं।
परम पूज्य संत श्री 1008 स्वामी जगदीश दास जी महाराज की समाधि एवं शोभायात्रा ग्राम नोहटा जामडोली, गुगडोद ,बपूई और लाखनपुर, खोहरी होकर के अद्वैत आश्रम पर पहुंची, आश्रम खोहरी में हजारों श्रद्धालुओं के बीच दर्शनों की कतारें लगी रही इसी को देखकर के सभी भाव विभोर हो गए। वहां सभी भक्त श्रद्धालुओं ने बारी बारी से महाराज श्री के पार्थिव शरीर पर पुष्प चद्दर भेंटआदि अर्पित कर महाराज श्री से आशीर्वाद लिया ।
तत्पश्चात 6:15 बजे श्री रामजन मंडल के ब्रह्मलीनपूज्य संत स्वामी रूप दास जी महाराज के उत्तराधिकारी परम पूज्य संत स्वामी भानु दास जी महाराज स्वामी जीवाराम जी गुरुगादी सांगानेर एवं संत किशन नाथ जी महाराज अलख योग आश्रम निवाई, पूज्य संत श्री राम विलास जी महाराज झनूण, श्री रामदास जी महाराज खारडा परम पूज्य स्वामी गोपी राम जी महाराज सीत्तौड़, भागीरथ साहिब जी आश्रम हरसूलीया, एवं रामदास जी महाराज लाखनपुर, रामानंद जी महाराज गूगडोद,चिंतन दास जी महाराज नोहटा एवं महाराज के उत्तराधिकारी स्वामी शीतल दास जी महाराज, गणमान्य श्री शंकरलाल जी हाथीवाल (टोंक जिला अध्यक्ष अखिल भारतीय रैगर महासभा), नेमराज जी बाकोलिया (सामाजिक कार्यकर्ता एवं संरक्षक रैगर छात्रवास सवाई माधोपुर)) एवं अन्य आगन्तुक सभी संत मंहतों के कर कमलों द्वारा महाराज श्री जी को समाधि दी गई।
समाधि संस्कार के तत्पश्चात गुरु आरती की गई, इसके बाद मौजूद सभी हजारों श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी कराई गई।



