Friday 04 April 2025 2:42 AM
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खेड़ी ग्राम में रेगर समाज का सत्संग समारोह संपन्न, सत्संग से ही पुण्य की प्राप्ति और दुखों का नाश.

दिल्ली , समाजहित एक्सप्रेस (सुखदेव आरटिया बिजयनगर) l 27 मार्च 2025 गुरुवार को अजमेर जिले के बांदनवाड़ा के पास खेड़ी ग्राम में रेगर समाज का विशाल सत्संग समारोह बाबा रामदेव मंदिर प्रांगण में  आसींद के संत श्री भागीरथ जी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक श्रीमान वीरेंद्र सिंह जी कानावत रहे। विशिष्ट अतिथि की भूमिका नरवर आश्रम के संत श्री नानूराम जी महाराज ने निभाई। विधायक महोदय श्रीमान वीरेंद्र सिंह जी कानावत ने सभी को होली एवं शीतला सप्तमी की हार्दिक बधाई दी। एवं कहा कि मनुष्य को धार्मिक कार्यक्रम करते रहना चाहिए, इससे मन को शांति मिलती है।

सत्संग का शुभारंभ अतिथियों ने लोक देवता बाबा रामदेव जी महाराज की प्रतिमा और रेगर समाज के आदर्श संत श्री रविदास जी महाराज की तस्वीर के पुष्प हार चढ़कर, दीप प्रज्वलित कर किया। मंगलाचरण के पांच भजन श्रीमान रामपाल जी महाराज ने प्रस्तुत कर श्री गणेश किया। संत श्री भागीरथ जी महाराज ने कहा कि मानव अपनी मेहनत की कमाई से पैसे बचा कर सत्संग का आयोजन करता है, सत्संग से और सद्गुरु के संपर्क में रहने से मानव सही रास्ते पर चलता है। दुर्व्यसनो  से दूर रह कर पुण्य की प्राप्ति करता है। और उसके दुखों का नाश हो जाता है।

रतनलाल जी मुनोत ने उद्बोधन में कहा कि हमें अपनी संतान को पढ़ने के लिए अवश्य ही भेजना चाहिए। शिक्षित व्यक्ति ही अपने हक अधिकार के लिए लड़ सकता है। समाज की प्रतिभाओं को आगे लाने और मनोबल बढ़ाने हेतु प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित करना चाहिए। जिससे कमजोर विद्यार्थी भी आगे आने का प्रयास कर सके। बांदनवाड़ा सरपंच भंवर सिंह जी ने कहा कि मानव – मानव सभी एक समान है, कोई छोटा- बड़ा नहीं है। सभी को मिल बैठकर  आपस में समस्याओं का समाधान करना चाहिए। और भाईचारे से रहना चाहिए।

 सत्संग में संत पूरण भारती जी महाराज ने व्यावहारिक जीवन से संबंधित उदाहरण देकर समझाया, भजन प्रस्तुत किये और को कुप्रथाओं को छोड़ने और सत्संग महिमा पर प्रकाश डाला। सत्संग में संत श्री राजमल जी महाराज अंटाली, नानूराम जी फुलिया कला, बन्ना राम जी किशनगढ़, भंवर लाल जी किशनगढ़, कैलाश जी करकेडी, छोगाराम जी किशनगढ़, भादूराम जी मंडोलाव, कचरू राम जी सलेमाबाद, पांचू राम जी डाबी किशनगढ़, शंकर राम जी दिलवाड़ी, रामलाल जी अजमेर, रतनलाल जी दिलवाड़ी, लादूराम जी उदलपुरा रायला, रामगोपाल जी माकड़ वाली, शंकर लाल जी देवलिया कला, आनंदी राम जी सांगरिया, बन्ना राम जी अरवड़, माधुराम जी बावलों का खेड़ा, रतन दास जी श्योपुरा, गरीब दास जी सरवाड़, मदन दास जी रहड़, हरिकिशन जी केसरपुरा, कुमारी शिवानी बाई सोबडी आदि संतों ने समय अनुसार गुरु महिमा, सत्संग महिमा, भक्ति महिमा, एवं चेतावनी के भजन, प्रवचन प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्र मुक्त किया। सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाज के गणमान्य व्यक्ति महावीर कांसोटिया केकड़ी, सुखदेव आरटिया बिजयनगर, पूरणमल उदय लोहरवाड़ा, घनश्याम जी मौर्य मसूदा, गुदड़मल जी अजमेर, ओमप्रकाश जी मुनोत गोयला, रतनलाल जी मुनोत मुरायला को भी माला पहनकर, तिलक लगाकर, साफा बंधाकर सम्मानित किया।

 बाबा रामदेव मंदिर को भी युवाओं ने कृत्रिम लाइटों से दुल्हन की तरह श्रृंगारित किया। आगंतुक अतिथियों का स्थानीय कार्यकर्ता रामदेव, रामस्वरूप, मोहनलाल, प्रभु लाल, हंसराज, रंणजीत, सांवरलाल, पप्पू लाल, पांचूराम, प्रेमचंद, लाजपत, जीवराज, ओमप्रकाश, तेजू राम, पुखराज, सुरेंद्र कुमार तुणगरिया ने  संत महात्माओं को श्रीफल, शॉल, नकद उपहार राशि देकर स्वागत सम्मान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन शंकर लाल जी हिंगोनिया दिलवाड़ी और कुंदनमल जी बांदनवाड़ा ने किया।

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