बिना दहेज, बिना फैरो, के सम्पन्न हुई शादी
भगवान बुद्ध संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ बी आर अम्बेडकर व भारतीय संविधान को साक्षी मानकर ली शपथ
दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l मालपुरा:- कस्बे स्थित अम्बेड़कर भवन में हुई अनोखी शादी की चर्चा पूरे शहर में हो रही है। यह शादी बिना दहेज बिना पंडित, बिना फैरो के संपन्न हुई, तथागत गौतम बुद्ध संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ बी आर अम्बेड़कर, देश व समाज में जन्में सभी महापुरुषों, संत गुरुओं को साक्षी साथ शपथ लेकर नवयुगल एक दूसरे के हमसफर बने, जिससे शादी की चर्चा पूरे मालपुरा कस्बे में हो रही है।
मालपुरा निवासी सेवानिवृत अध्यापक पन्नालाल वर्मा की सुपुत्री पूजा वर्मा की शादी भीम सैनिक श्वेतांक वर्मा सुपुत्र तोताराम वर्मा अध्यापक निवासी टोरड़ी की शादी कल देर रात्रि बिना पंडित बिना दहेज, बिना फैरों के संपन्न हुई। शादी में बारात लेकर पहुंचे दूल्हा श्वेतांक व उसके पिता तोताराम वर्मा ने वधू पक्ष की पूर्ण सहमति से पूर्व में ही तय कर लिया था कि वह शादी में एक रुपया व नारियल ही लेंगे, और उन्होंने समाज के सभी पंच पटेलों के समक्ष एक रूपया और नारियल लेकर समाज के लिए प्रेरणादायी मिसाल कायम की, बिना दहेज विवाह कर समाज को सशक्त संदेश देखकर सामाजिक जागरूकता की नींव रखी है। सादगीपूर्ण समारोह में दहेज प्रथा के खिलाफ इस अभिनव पहल का सभी समाज बंधु और मालपुरा वासी स्वागत कर रहे हैं।
महापुरुषों की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर महापुरुषों को व संविधान को साक्षी मानकर एक दूसरे के बने हमसफर:- सर्वप्रथम तथागत भगवान बुद्ध, संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेड़कर जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर, देश व समाज में जन्में सभी महापुरुषों संतों गुरुओं, भारतीय संविधान को साक्षी मानकर शादी संपन्न की गई।
शादी बिना फैरो, बिना पण्डित के सम्पन्न:– अधिकतर शादियों में देखा जाता रहा है कि शादियां हमेशा अग्नि की साक्षी में सात फैरो से सम्पन्न होती है, लेकिन इस अनोखी शादी में किसी भी प्रकार से फैरे नहीं हुए, व न ही शादी में कोई पण्डित उपस्थित रहा।
सात वचन( शपथ) लेकर बने एक दूसरे के बने हमसफर:—
शादी में दुल्हा-दुल्हन ने सात फेरों के स्थान पर साथ शपथ लेकर एक दूसरे के हमसफ़र बनें।1.जिनमें अपने जीवनसाथी का पूरे सम्मान, समानता और स्वैच्छिक सहमति के साथ विवाह स्वीकार करना,2.भारतीय संविधान के मूल्यों-स्वतंत्रता, समानता, न्याय और बंधुत्व को अपने दांपत्य जीवन में पालन करना 3.किसी भी प्रकार के भेदभाव, हिंसा या असमान व्यवहार से दूर रहकर और अपने जीवनसाथी के अधिकारों और गरिमा की रक्षा करना 4. सुख-दुख, स्वास्थ्य-अस्वास्थ्य, कठिनाई-समृद्धि हर परिस्थिति में अपने जीवनसाथी का साथ निभाने का संकल्प 5.परिवार, समाज और राष्ट्र के हित में सकारात्मक, शांतिपूर्ण और जिम्मेदार जीवन जीने का वचन 6. देश व समाज में जन्मे सभी महापुरुषों, संतो-गुरुओं की आदर्श -विचारधारा का पालन करते हुए अपने दामपत्य जीवन का निर्वहन 7. दोनों मिलकर अपने विवाह को विश्वास, प्रेम और बराबरी के आधार पर आगे बढानी की शपथ ली गई।
शादी के नियन्त्रण पत्रों भी महापुरुषों की विचारधारा से ओतप्रोत होकर छपवायें गये:– इससे शादी में बनवाए गए निमंत्रण पत्र भी पूर्णतया महापुरुषों की विचारधाराओं से बहुत-बहुत होकर छपवाये गये, जिसमें तथागत गौतम बुद्ध बाबा साहब डॉक्टर बी आर अंबेडकर के चित्र व संदेश अंकित किए गए।
पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच सशक्त संदेश
प्राचीन चली आ रही रूढीगत परंपराओं से हटकर के साथ संपन्न हुए इस विवाह में सभी रस्में निभाई गईं लेकिन किसी प्रकार से दहेज लेनदेन नहीं हुआ. समारोह सादगीपूर्ण रहा और इसमें सामाजिक संदेश सबसे प्रमुख रहा. उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना की।
माता-पिता से मिला संस्कार:-
श्वेतांक ने बताया कि बिना दहेज विवाह का विचार उन्हें अपने माता-पिता तोताराम वर्मा और माता सीता देवी से मिला. उनके अनुसार जब हम सब देश की सेवा करते हैं तो समाज की बुराइयों को खत्म करना भी हमारी जिम्मेदारी है. दहेज परंपरा नहीं बल्कि कुरीति है जिसे खत्म होना चाहिए!
अखिल भारतीय रेगर महासभा जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट नोरत मल वर्मा लाम्बाहरिसिंह ने कहां कि श्वैतांक व पूजा तथा उनके परिवारों का यह निर्णय केवल निजी जीवन का फैसला नहीं बल्कि सामाजिक चेतना का संदेश है. उनका यह कदम युवाओं को दहेज मुक्त विवाह अपनाने के लिए प्रेरित करता है ।
इसी क्रम उड़ान मानव सेवा संस्थान मालपुरा अध्यक्ष गजेन्द्र बोहरा ने कहा कि यह शादी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है और समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा दिखाता है।
इस अवसर पर उमाशंकर ठागरिया, सामाजिक कार्यकर्ता नरेन्द्र कुमार वर्मा,रवि परसोया,महेश मासलपुरिया, मदनलाल वर्मा, पदमचंद वर्मा, शशिपाल झारोटिया,रामनारायण वर्मा, अमित वर्मा सहित अम्बेड़कर विचार मंच मालपुरा की टीम उपस्थित रहीं,समाज के कई लोग उपस्थित व विदेशी मेहमान भी उपस्थित रहे।



