निवाई के पास बडागांव में स्थित श्री रामदेव जी महाराज मंदिर प्रांगण में रैगर समाज का विशाल सत्संग समारोह
दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l निवाई के पास बडागांव में रैगर समाज के श्री रामदेव जी महाराज मंदिर प्रांगण में स्थानीय समाज सेवक शंकर लाल माछलपुरिया ठेकेदार द्वारा अपने सुपौत्र के जन्मोत्सव पर 25 मार्च को विशाल सत्संग समारोह का आयोजन किया गया सत्संग समारोह की अध्यक्षता श्री जगदीश जी महाराज नोहटा ने की मुख्य अतिथि गोपीराम जी महाराज सीतोड निवासी रहे। मंच का संचालन महंत नवल किशोर वर्मा पूर्व पंचायत समिति सदस्य ने किया।
सर्वप्रथम आराध्य देव श्री रामदेव जी महाराज के मंदिर में उनके समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर उन्हें माल्यार्पण की गई, मंच पर बैठे हुए सभी संत महात्माओं को माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया गया सत्संग में रात भर अनेकों जगहों से पधारे हुए संत महात्मा और सत्संगीयो ने गणेश वंदना,गुरु वंदना,गुरुमहिमा, सत्संग महिमा चेतावनी भजन वाणियों के द्वारा उपस्थित श्रोताओं को लाभान्वित किया ।
संत महात्माओं ने मानव कल्याण और समाज सुधार के मार्गदर्शन के लिए उपदेश दिए इससे पूर्व सत्संग समारोह के आयोजन शंकर लाल ठेकेदार द्वारा सभी अतिथियों का सम्मान किया और सुचारू भोजन प्रसादी की व्यवस्था भी की प्रातःकाल शुभ आरती के साथ सत्संग समारोह का समापन किया गया शंकर लाल मासलपुरिया ठेकेदार ने उपस्थित सभी संत महात्माओं को शॉल नारियल और दक्षिणा देकर उन्हें विदा किया ।
सत्संग में महाराज श्री जगदीश दास जी द्वारा लिखित श्री आत्मज्ञान प्रकाश शास्त्र का विमोचन किया गया। सत्संग समारोह में अखिल भारतीय रैगर महासभा के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष सीताराम मौर्य, टोंक जिला अध्यक्ष शंकर लाल हाथीवाल, मास्टर मदनलाल मंडरावालिया,शहर अध्यक्ष बाबूलाल कवरिया, त्रिलोकचंद,ताराचंद मंडरावलिया, हरिनारायण हाथीवाल, बाबूलाल बड़ोलिया, रामलाल जी महाराज, रामानंद गुगड़ोदिया, नवल किशोर मंथ, निरंकारी गोपाल लाल बोहरा, रेवडमल सालोदिया, रामलाल जोलियां, हरिनारायण महाराज, गोपाल जी सूरतपुरा, पंचूराम राम गोठड़ा,जगदीश प्रसाद माछलपुरिया प्रधानाचार्य, रामनिवास बड़ागांव, चुन्नीलाल माछलपुरिया पटेल जी, ओंकार सालोंदिया,रामप्रसाद जावड़ोलिया, सुरेश चंद थली, सीताराम सरसुनिया झोटवाड़ा, बनवारी लाल माछलपुरिया, हनुमान गुर्जर, सरपंच पति विनोद सांखला सहित भारी मात्रा में लोग उपस्थित रहे ।



