न्याय की ओर बढ़ते कदम: महिलाओं के अधिकारों हेतु जागरूकता अभियान
दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l मानव सेवा ट्रस्ट राजस्थान एवं युवा शक्ति सेवा संस्थान द्वारा सीडलिंग स्कूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस, जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी के सहयोग से महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु “नारी के लिए न्याय” निःशुल्क विधिक सहायता शिविर का आयोजन जगतपुरा स्थित शिवालिक उच्च मध्य विद्यालय में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं, बालिकाओ एवं समुदाय के लोगों ने भाग लिया।
ट्रस्ट सदस्य एवं मीडिया प्रभारी प्रो. डॉ. राजीव सक्सेना ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें निःशुल्क विधिक परामर्श प्रदान करना था।
महिला सशक्तिकरण फाउंडेशन की अध्यक्ष दुर्गा वर्मा ने संबोधित में कहा कि सशक्त नारी से सशक्त कानून का निर्माण संभव है , जिसके माध्यम से समाज में महिलाओं की स्थिति को सुदृढ़ करने और उन्हें न्याय तक सहज पहुँच प्रदान करने का प्रयास किया जा सकता है ।
युवा शक्ति सेवा संस्थान के अध्यक्ष युवराज मुंडोतिया ने जानकारी दी कि विधि विशेषज्ञों एवं विधि विद्यार्थियों द्वारा घरेलू हिंसा, महिला सुरक्षा, संपत्ति अधिकार, विवाह एवं पारिवारिक कानून से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई।
विशेष रूप से कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी महिलाओं के अधिकारों एवं कानूनी प्रावधानों को सरल और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे उपस्थित लोगों में जागरूकता और समझ बढ़ी।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं को उनकी समस्याओं के समाधान हेतु व्यक्तिगत परामर्श भी दिया गया तथा उन्हें सरकारी योजनाओं एवं कानूनी सहायता सेवाओं की जानकारी प्रदान की गई।
आयोजन समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही जिसमें संयोजक सुश्री प्रिंसी वर्मा, सह-संयोजक सुश्री निहारिका कुमारी एवं सुश्री वर्षा धाकड तथा छात्र संयोजक यश लोधा का विशेष योगदान रहा।
ट्रस्ट प्रबंध निदेशक कौशल सत्यार्थी ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि समाज के हर वर्ग तक न्याय और अधिकारों की जानकारी पहुँच सके।
इस अवसर पर निदेशक अरविंद सिंह भाटी, निशा बंसल, पूजा नारनिया, देव नारायण, सुनीता देवी, अंजू प्रजापति, तनु, वंदना, लविना, प्रकाश, मनीष आदि उपस्थित रहे I



