कुलदीप मुडोतिया ने दहेज मुक्त शादी रचाकर समाज में दिया संदेश

दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l मदरामपुरा (जयपुर, राजस्थान) में रैगर समाज के एक युवक और युवती ने 30 अप्रैल 2026 को अपने अभिभावकों, परिवार एवं परिजनों की सहमति से रीति रिवाज के साथ सामाजिक स्तर पर दहेज मुक्त शादी रचा कर समाज में संदेश देते हुए दहेज लोभियों को करारा जवाब देने के साथ साथ सरकार के संदेश दहेज मुक्त विवाह के नारों को आत्मसात करने का काम किया है। जो अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
दहेज प्रथा के खिलाफ समाज में अक्सर बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन जब बात अपने घर की शादी की आती है, तो कई लोग अपने सिद्धांतों से पीछे हट जाते हैं । ऐसे माहौल में गांव मैंदवास से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जिसने न केवल लोगों का ध्यान खींचा है, बल्कि समाज को एक मजबूत संदेश भी दिया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक राजस्थान के गांव मैंदवास के कुलदीप मुडोतिया पुत्र श्री रमेश चन्द जी रैगर जो एक बहुत ही सामान्य परिवार से हैं इन्होंने एवम् इनके परिजनों ने बहुत ही शानदार और उम्दा वअनुकरणीय शुरुवात की हैं। इन्होंने मदरामपुरा निवासी किरण परसोया पुत्री स्व. श्री अमर चन्द जी से शादी की है जो एक पढ़ी लिखी एवम बेहद गरीब परिवार से हैं। खास बात ये है की युवक कुलदीप ने ना कोई दहेज लिया है, ना कोई जेवर, ना गाड़ी ना नकदी। 30 अप्रैल 2026 को केवल एक रूपए और नारियल में एक गरीब घर की लड़की को अपना हमसफ़र बनाया हैं। जो समाज में बहुत ही नेक शुरुवात की हैं। अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। वर पक्ष और वधु पक्ष के उपस्थित लोगो ने आशीर्वाद देकर दोनों के उज्जवल भविष्य की कामना की।
दहेज मुक्त विवाह एक ऐसी सामाजिक पहल है जिसमें विवाह के दौरान न तो दहेज लिया जाता है और न ही दिया जाता है। यह सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न होता है, जिससे आर्थिक बोझ कम होता है, समानता को बढ़ावा मिलता है और सामाजिक कुरीतियों का अंत होता है। दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के अनुसार दहेज लेना या देना कानूनी अपराध है, जिसे यह पहल सीधे तौर पर लागू करती है। कई क्षेत्रों में लोग स्वयं आगे आकर दहेज मुक्त शादियां कर रहे हैं, जो समाज के लिए अनुकरणीय मिसाल बन रही हैं।



