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अखिल भारतीय साहित्य परिषद्, गाज़ियाबाद इकाई की कार्यकारिणी का पुनर्गठन एवं काव्य गोष्ठी सम्पन्न

दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l गाज़ियाबाद में अखिल भारतीय साहित्य परिषद् की स्थानीय इकाई की कार्यकारिणी पुनर्गठन बैठक 3 मई 2026 रविवार को पी के अस्पताल, राकेश मार्ग पर गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश एवं जनपद स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारियों तथा साहित्यकारों की उपस्थिति में नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया।

अखिल भारतीय साहित्य परिषद्, गाज़ियाबाद इकाई से प्राप्त प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बैठक में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे देवेन्द्र देव मिर्जापुरी (अध्यक्ष – मेरठ प्रान्त), अरविन्द भाटी (महासचिव – उत्तर प्रदेश), चंद्रभानु मिश्र, कुलदीप नगर (अध्यक्ष – गौतम बुद्ध नगर) एवं शरन वीर भाटी।

संरक्षक मंडल : संरक्षक के रूप में डॉ. अलका अग्रवाल, बी के वर्मा सैदी, महेश कुमार आहूजा तथा राजीव सिंघल का मार्गदर्शन संगठन को प्राप्त रहेगा।

नवगठित कार्यकारिणी : बैठक में निम्न पदाधिकारियों की घोषणा की गई:—

संरक्षक:- डॉ. अलका अग्रवाल, बी के वर्मा सैदी, महेश कुमार आहूजा, राजीव सिंघल

अध्यक्ष: डॉ. वीणा मित्तल

कार्यकारी अध्यक्ष: संजीव शर्मा

उपाध्यक्ष: डॉ. मधुबाला श्रीवास्तव, डॉ. निवेदिता शर्मा, डॉ. तूलिका सेठ, अंजू जैन, नेहा वैद

महामंत्री: डॉ. कमलेश संजीदा

संयुक्त महामंत्री: अजीत श्रीवास्तव

संगठन मंत्री: शोभा सचान

कोषाध्यक्ष: ब्रजनंदन पचौरी

सह-कोषाध्यक्ष: संजीव शर्मा राजनगर एक्सटेंशन

साहित्य परिक्रमा पत्रिका संयोजक: भूपेन्द्र त्यागी

काव्य गोष्ठी का आयोजन : कार्यकारिणी गठन के उपरान्त एक प्रभावी काव्य गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें उपस्थित साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं का पाठ कर कार्यक्रम को साहित्यिक गरिमा प्रदान की। गोष्ठी में देवेन्द्र देव मिर्जापुरी, अरविन्द भाटी, चंद्रभानु मिश्र, कुलदीप नगर, शरन वीर भाटी, राजीव सिंघल, डॉ. वीणा मित्तल, संजीव शर्मा, डॉ. मधुबाला श्रीवास्तव, डॉ. तूलिका सेठ, डॉ. कमलेश संजीदा, शोभा सचान तथा ब्रजनंदन पचौरी सहित अनेक रचनाकारों ने सहभागिता की।

बैठक के अंत में संगठन की भावी साहित्यिक योजनाओं, जनपदीय विस्तार एवं साहित्यिक गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित करने का संकल्प लिया गया। परिषद् ने समाज में साहित्यिक चेतना को सुदृढ़ करने हेतु नियमित कार्यक्रमों के आयोजन की घोषणा की।

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